आज का पंचांग 9 मार्च 2024, शनिवार – अमावस्या और तिथियों का संगम
विक्रम संवत – 2080, अनला
शक सम्वत – 1945, शोभकृत
सूर्य देव आज भी पूर्वी क्षितिज को 6:44 बजे रंगेंगे और शाम 6:29 बजे अस्त होंगे।
तिथियों का चक्र:
आज कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि शाम 6:18 बजे तक रहेगी, उसके बाद अमावस्या तिथि का आरंभ होगा, जो अगले दिन दोपहर 2:30 बजे तक चलेगी। अमावस्या का दिन आध्यात्मिक साधनाओं और मौन व्रत का विशेष महत्व रखता है।
नक्षत्रों:
धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव सुबह 7:55 बजे तक बना रहेगा, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र अपना प्रभुत्व स्थापित करेगा। ये दोनों ही दक्षिण दिशा के स्वामी माने जाते हैं। रात्रि में पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र का संचार आनंद और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
कर्मों का संचालन:
विष्टि करण आज शाम 9:58 बजे से कल सुबह 8:09 बजे तक कार्यभार संभालेंगे। इसके बाद शकुनि और चतुष्पद करण क्रमशः अपना प्रभाव दिखाएंगे। नाग करण दोपहर बाद सक्रिय होंगे, इस दौरान सतर्क रहना अनिवार्य है।
सिद्ध योग का आशीर्वाद:
कल सिद्ध योग का संचालन शुरू हुआ था, जो आज भी शाम 8:32 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद साध्य योग सक्रिय हो जाएगा। सिद्ध योग सफलता और लाभ का प्रतीक माना जाता है, जबकि साध्य योग यात्राओं और धन लाभ के लिए शुभ माना जाता है।
शनिवार की शांति:
आज शनिवार का दिन है, जो भगवान शनि को समर्पित होता है। शनिदेव को न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। इस दिन शनिदेव की पूजा करना, तेल का दान करना और काले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता है।
शुभ और अशुभ काल:
- राहु काल सुबह 9:41 बजे से 11:09 बजे तक रहेगा।
- यम गण्ड दोपहर 2:05 बजे से 3:33 बजे तक सक्रिय रहेंगे।
- कुलिक काल सुबह 6:44 बजे से 8:12 बजे तक सतर्क रहने की सलाह देता है।
- दुर्मुहूर्त सुबह 8:18 बजे से 9:05 बजे तक व्याप्त रहेगा।
- वर्ज्य काल दोपहर 2:13 बजे से 3:37 बजे तक व्याप्त होगा।
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से 1:00 बजे तक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ है।
- अमृत काल रात 10:41 बजे से 12:05 बजे तक सफलता और लाभ का प्रतीक है।
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:07 बजे से 5:55 बजे तक ध्यान, योग और आध्यात्मिक पाठ के लिए उपयुक्त समय है।
विशेष सूचना:
आज अमावस्या का पवित्र दिन है। इस दिन व्रत रखने, मौन धारण करने और दान-पुण्य का कार्य करने का विशेष महत्व है। मंदिरों में ज्योति प्रज्ज्वलित करके भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
निष्कर्ष:
आज तिथियों, नक्षत्रों और योगों का एक अनूठा संगम है। अमावस्या का पवित्र
निष्कर्ष: आध्यात्मिकता और सकारात्मकता का लाभ लें
आज का पंचांग हमें तिथियों, नक्षत्रों, योगों और ग्रहों के प्रभावों से अवगत कराता है। यह हमें दिन भर सतर्क रहने और सही समय का चयन करने में मदद करता है। आज अमावस्या का पवित्र दिन है, आध्यात्मिक साधनाओं में मन लगाने और मन को शांत रखने का यह उत्तम अवसर है। शनिवार का दिन हमें कर्मों का महत्व याद दिलाता है और न्यायपूर्ण व सदाचरण पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस पंचांग का उपयोग करके आप:
- शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाकर महत्वपूर्ण कार्यों को आरंभ कर सकते हैं।
- अशुभ कालों में सतर्क रहकर परेशानियों से बच सकते हैं।
- धार्मिक कार्यों और व्रतों का पालन करके आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
- तिथियों और नक्षत्रों के अनुसार शुभ कार्य करके सकारात्मकता को आकर्षित कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण:
पंचांग सामान्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां हैं और ये हर व्यक्ति के लिए लागू नहीं हो सकती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना उचित है|