गुप्त नवरात्रि क्या है?
गुप्त नवरात्रि एक हिंदू धार्मिक त्योहार है जो वर्ष में दो बार आता है। यह नवरात्रि का एक विशेष रूप है जिसमें देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा-अर्चना की जाती है। यह नवरात्रि विशेषकर तांत्रिक साधना के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
गुप्त नवरात्रि के नामकरण का कारण
गुप्त नवरात्रि को गुप्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस नवरात्रि में साधना को गुप्त रखा जाता है। साधक अपनी साधना को दूसरों से छिपाकर करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि तांत्रिक साधना में कई ऐसी बातें होती हैं जो आम लोगों के लिए समझना मुश्किल होता है।
गुप्त नवरात्रि कब होती है?
गुप्त नवरात्रि 2024
- माघ माह में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक।
- दिनांक: 10 से 18 फरवरी 2024
- घटस्थापना मुहूर्त: 10 फरवरी 2024 को सुबह 8:45 से 10:10 बजे तक
गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि
गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि निम्नलिखित है:
- घटस्थापना: गुप्त नवरात्रि की पूजा की शुरुआत घटस्थापना से होती है। इसके लिए एक मिट्टी का घड़ा लें और उसे लाल कपड़े से सजाएँ। घड़े में जल भरें और उसमें एक नारियल रखें। इसके बाद देवी दुर्गा के मंत्रों का उच्चारण करते हुए घट स्थापना करें।
- पूजा: घटस्थापना के बाद प्रतिदिन देवी दुर्गा की पूजा करें। पूजा में देवी दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें और उन्हें पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पित करें। इसके बाद देवी दुर्गा के मंत्रों का उच्चारण करें और उनकी आरती करें।
- साधना: गुप्त नवरात्रि में साधना का विशेष महत्व है। साधना के दौरान साधक को देवी दुर्गा के दस रूपों की ध्यान-धारणा करनी चाहिए।
- नवमी का व्रत: गुप्त नवरात्रि की नवमी के दिन देवी दुर्गा की विशेष पूजा करें। इस दिन साधक को व्रत रखना चाहिए और देवी दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
गुप्त नवरात्रि के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातें
- गुप्त नवरात्रि में साधक को कठोर नियमों का पालन करना चाहिए। इन नियमों में मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन न करना, ब्रह्मचर्य का पालन करना और एकाग्र होकर साधना में ध्यान केंद्रित करना शामिल है।
- गुप्त नवरात्रि में साधक को किसी योग्य गुरु से मार्गदर्शन लेना चाहिए। गुरु से मार्गदर्शन लेने से साधक को साधना में सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है।
गुप्त नवरात्रि के लाभ
गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं की पूजा-अर्चना करने से साधक को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- शक्ति और सिद्धि प्राप्त होती है: गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा के दस रूपों की साधना करने से साधक को शक्ति और सिद्धि प्राप्त होती है। इससे साधक के जीवन में सभी तरह की बाधाएं दूर होती हैं और वह अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है।
- मन की शुद्धि होती है: गुप्त नवरात्रि में साधना के दौरान साधक को कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है। इससे साधक के मन की शुद्धि होती है और वह ईश्वर के प्रति समर्पित हो जाता है।
- ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है: गुप्त नवरात्रि में देवी सरस्वती की पूजा करने से साधक को ज्ञान और बुद्धि की प्राप्ति होती है। इससे साधक का जीवन सफल और सुखमय होता है।
- रोगों से मुक्ति मिलती है: गुप्त नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा करने से साधक को रोगों से मुक्ति मिलती है। इससे साधक स्वस्थ और दीर्घायु होता है।
- अभिष्ट सिद्धि होती है: गुप्त नवरात्रि में साधना करने से साधक की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इससे साधक का जीवन सुखमय और समृद्ध होता है।