मकर संक्रांति एक हिंदू और जैन त्योहार है जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के अवसर पर मनाया जाता है। यह हिंदू कैलेंडर का पहला दिन है और इसे नए साल की शुरुआत के रूप में भी मनाया जाता है।
मकर संक्रांति को मनाने के कई कारण हैं। धार्मिक रूप से, यह दिन सूर्य देव की पूजा का दिन है। सूर्य को हिंदू धर्म में जीवन का स्रोत माना जाता है, और मकर संक्रांति के दिन सूर्य की पूजा नए साल की शुरुआत और नई शुरुआत का प्रतीक है।
सांस्कृतिक रूप से, मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो परिवार और दोस्तों के साथ एक साथ आने का अवसर प्रदान करता है। इस दिन, लोग नए कपड़े पहनते हैं, एक-दूसरे को उपहार देते हैं, और पारंपरिक भोजन का आनंद लेते हैं।
मकर संक्रांति के कुछ महत्वपूर्ण प्रथाओं में शामिल हैं:
- सूर्य देव की पूजा: मकर संक्रांति के दिन, लोग सूर्य देव की पूजा करते हैं। इस पूजा में, लोग सूर्य देव को फूल, फल, और मिठाई अर्पित करते हैं।
- खिचड़ी का प्रसाद: मकर संक्रांति के दिन, लोग खिचड़ी का प्रसाद बनाते हैं और बांटते हैं। खिचड़ी को एक शुभ भोजन माना जाता है जो समृद्धि और समृद्धि का प्रतीक है।
- गंगा स्नान: मकर संक्रांति के दिन, कई लोग गंगा नदी में स्नान करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और सौभाग्य प्राप्त होता है।
मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो हिंदू और जैन धर्मों में महत्वपूर्ण है। यह एक दिन है जब लोग एक साथ आते हैं और नए साल की शुरुआत का जश्न मनाते हैं।