धर्म और ज्योतिष के विशेष परंपरागत ज्ञान की दिशा: आज का पंचांग
पंचांग, हमारे भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसे धर्म और ज्योतिष का महत्वपूर्ण संयोजन माना जाता है जो हमें दिनचर्या, त्यौहार, व्रत और आने वाले कार्यों के लिए अनुकूल मुहूर्तों की सूचना प्रदान करता है। आज के पंचांग में हमें निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है:
तिथियों: शुक्ल पक्ष दशमी और शुक्ल पक्ष एकादशी आदि।
वार, नक्षत्र, करण, और योग:
- वार के आधार पर विशेष कार्यों का निर्धारण किया जाता है, जबकि नक्षत्र, करण, और योग हमारे कार्यों की सफलता और प्रभाव को दर्शाते हैं।
- आज का नक्षत्र पुनर्वसु और पुष्य है, जो कि अपने अपने स्वाभाविक गुणों और प्रभावों के साथ हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव डालते हैं।
- करणों में तैतिल ,गर और वणिज है जो हमारे कार्यों को प्रभावित करते हैं।
- आज मंगलवार है,भगवान हनुमान जी की उपासना के लिए शुभ दिन माना जाता है। बजरंग बाण पाठ या हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं।
अशुभ और शुभ काल: अशुभ काल में किए गए कार्यों से अनिष्ट और अधिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है, जबकि शुभ काल में किए गए कार्यों का सफलतापूर्वक पूरा होने की संभावना बढ़ जाती है।
विक्रम संवत और शक सम्वत: आज का दिन विक्रम संवत 2080 और शक सम्वत 1945 के अनुसार है।
सूर्य और चंद्रमा का समय:
- सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, और चंद्रास्त का समय हमें दिन की शुरुआत और समाप्ति का समय बताता है।
- सूर्योदय 6:35 AM और सूर्यास्त का समय 6:34 PM है
- चंद्रोदय Mar 19 1:37 AM और चंद्रास्त का समय Mar 20 3:39 AM है
तिथि:
आज का दिन शुक्ल पक्ष दशमी और शुक्ल पक्ष एकादशी, जो कि धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए अनुकूल हैं।
नक्षत्र और करण:
आज का नक्षत्र पुनर्वसु और पुष्य है, जो हमें अपने अपने स्वाभाविक गुणों और प्रभावों के साथ हमारे जीवन पर विशेष प्रभाव डालते हैं। करणों में तैतिल, गर, और वणिज है जो हमारे कार्यों को प्रभावित करते हैं।
योग:
आज के योग शोभन और अतिगण्ड हैं, जो हमें संतुलित औ उदाहरण के लिए पुनर्वसु नक्षत्र, वणिज करण, और अतिगण्ड योग हैं।
वार: आज मंगलवार है, भगवान हनुमान जी की उपासना के लिए शुभ दिन माना जाता है।
अशुभ काल और शुभ काल:
अशुभ काल में राहू (3:33 PM – 5:23 PM), यम गण्ड (9:34 AM – 11:34 AM), और कुलिक (12:34 PM – 2:04 PM) शामिल हैं, जबकि शुभ काल में अभिजीत मुहूर्त (12:10 PM – 12:59 PM), अमृत काल (05:33 PM – 07:17 PM), और ब्रह्म मुहूर्त (05:08 AM – 05:46 AM) हैं।
सूर्य और चंद्र राशि: आज सूर्य मीन राशि में है, जबकि चंद्रमा अभी तक मिथुन राशि में है और आगे कर्क राशि में प्रवेश करेगा।
चंद्र मास और ऋतु: आज का चंद्र मास फाल्गुन है, जो हमें मौसम की और प्राकृतिक संवेदनाओं की जानकारी प्रदान करता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक अद्यात्म: आज के दिन द्विपुष्कर, अमृतसिद्धि, और सर्वार्थसिद्धि योग हैं, जो हमें सुख, शांति और सफलता की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं।
इस रूपांतरण में, हमने आज के पंचांग के महत्वपूर्ण तत्वों को विस्तार से समझाया है, जो हमारे दिनचर्या को और संजीवनी बनाते हैं। पंचांग की महत्वपूर्ण भूमिका हमें समय के महत्व को समझाती है और हमें उपयुक्त समय पर उपाय करने की सलाह देती है। यह हमें अपने धार्मिक, सामाजिक, और व्यक्तिगत कार्यों को समय से समय पर संपन्न करने में मदद करता है और हमारे जीवन को सुखमय बनाने में सहायक होता है।
महत्वपूर्ण: पंचांग सामान्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां हैं और ये हर व्यक्ति के लिए लागू नहीं हो सकती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना उचित है|