आज का पंचांग: 8 मार्च 2024, शुक्रवार – महाशिवरात्रि और आध्यात्मिकता का दिन
समय का चक्र:
- विक्रम संवत: 2080, अनला का प्रभाव जारी है। शक संवत: 1945, शोभकृत की चमक से प्रकाशित हो रहा है।
- पूर्णिमांत पंचांग में फाल्गुन का सुहाना मौसम आनंद दे रहा है, जबकि अमांत पंचांग में माघ शीतल विदा ले रहा है।
सूर्य-चंद्रमा का नृत्य:
- आज सूर्यदेव सुबह 6:45 बजे पूर्वी क्षितिज को रंगेंगे और शाम 6:29 बजे अस्त होंगे।
- चंद्रमा देवी रात 5:12 बजे अकाश में दिखाई देंगी और अगले दिन दोपहर 4:26 बजे विश्राम करेंगी।
तिथि, नक्षत्र और करण का संगम:
- आज कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का प्रभाव सुबह 9:58 बजे तक रहेगा, उसके बाद चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा।
- नक्षत्रों की बात करें, तो श्रवण नक्षत्र का जादू सुबह 10:41 बजे तक चलेगा, फिर धनिष्ठा नक्षत्र अपना प्रभुत्व स्थापित करेगा।
- गर करण सुबह 1:20 बजे से विष्टि करण अगले दिन सुबह 8:09 बजे तक कार्यभार संभालेंगे।
योगों का महासागर:
- कल शिव योग का प्रभाव रहा, आज सिद्ध योग का संचालन होगा। सिद्ध योग सफलता और लाभ का प्रतीक है, और यह आध्यात्मिक कार्यों के लिए भी शुभ माना जाता है।
शुक्रवार – देवी लक्ष्मी और भोग-विलास का दिन:
- शुक्रवार का दिन देवी लक्ष्मी और भोग-विलास के देवता शुक्र को समर्पित होता है। इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करना, दान-पुण्य का कार्य करना और सुख-सुविधाओं की प्राप्ति का प्रयास करना शुभ माना जाता है।
त्यौहार और व्रत:
- आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जो भगवान शिव को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना, व्रत और रात्रि जागरण करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- इसके अलावा, आज प्रदोष व्रत भी रखा जा सकता है। यह व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने और मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए किया जाता है।
शुभ और अशुभ काल:
- राहु काल सुबह 11:09 बजे से 12:37 बजे तक रहेगा, इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।
- यम गण्ड दोपहर 3:33 बजे से 5:01 बजे तक सक्रिय रहेंगे, क्रोध पर नियंत्रण रखें।
- कुलिक काल सुबह 8:13 बजे से 9:41 बजे तक सतर्कता की सलाह देता है।
- दुर्मुहूर्त सुबह 9:06 बजे से 9:53 बजे तक और दोपहर 1:00 बजे से 1:47 बजे तक व्याप्त रहेगा, यात्रा से बचना चाहिए।
- वर्ज्य काल दोपहर 2:13 बजे से 3:38 बजे तक व्याप्त होगा, इस समय मन को शांत रखें।
शुभ काल का लाभ उठाएं:
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:14 बजे से 1:00 बजे तक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ है।
- अमृत काल रात 10:43 बजे से 12:08 बजे तक सफलता और लाभ का प्रतीक है।
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:08 बजे लाभ का प्रतीक है |
निष्कर्ष: आध्यात्मिकता और शुभता का संगम
8 मार्च 2024 शुक्रवार का दिन पंचांग के अनुसार विशेष रूप से आध्यात्मिकता और शुभता से परिपूर्ण है। महाशिवरात्रि का पावन पर्व भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का अनमोल अवसर प्रदान करता है। सिद्ध योग का संयोग सफलता और लाभ की प्राप्ति में सहायक होगा। शुक्रवार देवी लक्ष्मी का दिन होने के कारण सुख-समृद्धि की कामना की जा सकती है।
महाशिवरात्रि मनाएं आस्था और भक्ति के साथ
- आज के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक, अभिषेक और मंत्र जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- रात्रि जागरण करके शिवलिंग का श्रृंगार करना और “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।
- व्रत रखने वालों को सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय तक उपवास करना चाहिए। फलाहार के रूप में साबूदाना खीर, फल आदि ग्रहण कर सकते हैं।
- जरूरतमंदों की सहायता करें और दान-पुण्य का कार्य करें।
- महाशिवरात्रि के पावन पर्व का लाभ उठाकर सकारात्मक विचारों को अपनाएं और आध्यात्मिकता की राह पर आगे बढ़ें।
मंगलकारी शुभ मुहूर्तों का उपयोग
- अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 12:14 बजे से 1:00 बजे तक) किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को आरंभ करने के लिए उत्तम समय है।
- अमृत काल (रात 10:43 बजे से 12:08 बजे तक) में किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक होती है।
- ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 5:08 बजे से 5:56 बजे तक) ध्यान, योग और आध्यात्मिक पाठ के लिए उपयुक्त समय है।
महत्वपूर्ण:
पंचांग सामान्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां हैं और ये हर व्यक्ति के लिए लागू नहीं हो सकती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना उचित है|