आज का पंचांग: 7 मार्च 2024, गुरुवार – शिव पूजा और गुरु कृपा का दिन
समय का चक्र:
- विक्रम संवत: 2080, अनला
- शक संवत: 1945, शोभकृत
- पूर्णिमांत पंचांग में फाल्गुन का सुहाना मौसम आनंद दे रहा है, जबकि अमांत पंचांग में माघ शीतल विदा ले रहा है।
सूर्य-चंद्रमा का नृत्य:
- आज सूर्यदेव सुबह 6:46 बजे पूर्वी क्षितिज को रंगेंगे और शाम 6:28 बजे अस्त होंगे।
- चंद्रमा देवी रात 4:22 बजे अकाश में दिखाई देंगी और अगले दिन दोपहर 3:17 बजे विश्राम करेंगी।
तिथि, नक्षत्र और करण का संगम:
- आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि का प्रभाव सुबह 1:20 बजे तक रहेगा, उसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा।
- नक्षत्रों की बात करें, तो उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का जादू शाम 1:03 बजे तक चलेगा, फिर श्रवण नक्षत्र अपना प्रभुत्व स्थापित करेगा।
- कौलव करण सुबह 4:14 बजे से गर करण अगले दिन सुबह 11:42 बजे तक कार्यभार संभालेंगे।
योगों का महासागर:
- कल वरीयान योग का प्रभाव रहा, आज परिघ योग और शिव योग का संचालन होगा। परिघ योग सफलता और लाभ का प्रतीक है, जबकि शिव योग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का उत्तम योग है।
गुरुवार – भगवान विष्णु और ज्ञान का दिन:
- गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और ज्ञान के देवता बृहस्पति को समर्पित होता है। इस दिन विष्णु जी की पूजा-अर्चना करना, गुरुओं का सम्मान करना और ज्ञान प्राप्ति का प्रयास करना शुभ माना जाता है।
शुभ और अशुभ काल:
- राहु काल दोपहर 2:05 बजे से 3:33 बजे तक रहेगा, इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।
- यम गण्ड सुबह 6:46 बजे से 8:14 बजे तक सक्रिय रहेंगे, क्रोध पर नियंत्रण रखें।
- कुलिक काल सुबह 9:42 बजे से 11:10 बजे तक सतर्कता की सलाह देता है।
- दुर्मुहूर्त सुबह 10:40 बजे से 11:27 बजे तक और शाम 3:21 बजे से 4:08 बजे तक व्याप्त रहेगा, यात्रा से बचना चाहिए।
- वर्ज्य काल शाम 4:39 बजे से 6:05 बजे तक व्याप्त होगा, इस समय मन को शांत रखें।
शुभ काल का लाभ उठाएं:
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:14 बजे से 1:01 बजे तक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ है।
- अमृत काल सुबह 7:08 बजे से 8:36 बजे तक और रात 1:17 बजे से 2:43 बजे तक सफलता और लाभ का प्रतीक है।
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:09 बजे से 5:57 बजे तक आध्यात्मिक कार्यों और ध्यान के लिए उपयुक्त है।
विशेष जानकारी:
- सूर्य कुंभ राशि में है, बुद्धि और आविष्कारशीलता को बढ़ाता है।
- चंद्रमा आज पूरे दिन-रात मकर राशि में विचरण करेगा, जो महत्वाकांक्षा और लक्ष्य प्राप्ति में सहायक होगा।
निष्कर्ष: आत्मिकता और ज्ञान की ओर उन्मुख हों
7 मार्च 2024, गुरुवार का दिन आध्यात्मिकता और ज्ञान की प्राप्ति के लिए विशेष है। शिव योग और परिघ योग का संयुक्त प्रभाव शांति, सफलता और ज्ञान की वृद्धि कर सकता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना, गुरुओं का सम्मान करना और ज्ञान को ग्रहण करने में लीन होना अति शुभ माना जाता है।
अतिरिक्त सुझाव:
- भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें, “ॐ नमः शिवाय” का उच्चारण करना लाभकारी है।
- गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त करें और उनके मार्गदर्शन का पालन करें।
- ध्यान का अभ्यास करें और मन को शांत रखें।
- कोई नए विषय सीखना शुरू करें या पुस्तकें पढ़ें।
- जरूरतमंदों की सहायता करें और दान-पुण्य का कार्य करें।
- सकारात्मक विचारों को अपनाएं और नकारात्मकता से दूर रहें।
महत्वपूर्ण:
पंचांग सामान्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां हैं और ये हर व्यक्ति के लिए लागू नहीं हो सकती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना उचित है|