पंचांग 7 जनवरी 2024 (रविवार)
सूर्योदय: 7:06 AM सूर्यास्त: 5:20 PM चन्द्रोदय: 11:24 AM चन्द्रास्त: 12:38 AM अयन: दक्षिणायन ऋतु: हेमंत
तिथि: द्वादशी (शाम 5:01 बजे तक), उसके बाद त्रयोदशी
नक्षत्र: हस्त (12:38 AM तक), उसके बाद चित्रा
योग: शूल (2:15 AM तक), उसके बाद गण्ड
राहुकाल: दोपहर 1:15 PM – 2:51 PM
यम गण्ड: 1:06 PM – 2:25 PM
कुलिक: 3:43 PM – 5:02 PM
दुर्मुहूर्त: 10:34 AM – 11:09 AM, 1:34 PM – 2:09 PM
दिशाशूल: पश्चिम
व्रत और त्योहार:
- माघ मास प्रारंभ
- भगवान श्रीराम का जन्म
शुभ मुहूर्त:
- व्यापार प्रारंभ: सुबह 6:00 AM से 7:00 AM
- नया कार्य प्रारंभ: दोपहर 1:00 PM से 2:00 PM
- दान-पुण्य: शाम 4:00 PM से 5:00 PM
अशुभ मुहूर्त:
- सुबह 6:45 AM से 7:27 AM
- शाम 6:00 PM से 7:00 PM
सामान्य राशिफल:
- आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन धैर्य से काम करने से सफलता मिलेगी। आर्थिक स्थिति संतोषजनक रहेगी। पारिवारिक जीवन में कुछ तनाव रह सकता है, संयम से काम लें। सेहत का ध्यान रखें, सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है। यात्रा सावधानी से करें।
धर्म:
- आज के दिन माघ मास प्रारंभ होने के अवसर पर मंदिर में जाकर दर्शन करें।
- भगवान श्रीराम की पूजा करें।
- दान-पुण्य करने से पुण्य की प्राप्ति होगी।
महत्वपूर्ण:
- पंचांग सामान्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां हैं और ये हर व्यक्ति के लिए लागू नहीं हो सकती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना उचित है।
माघ मास
माघ मास हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण महीना है। यह वर्ष का तीसरा महीना है और यह फरवरी या मार्च के महीने में पड़ता है। माघ मास को दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का महीना माना जाता है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं, जिनमें से कुछ हैं:
- माघ स्नान: यह व्रत माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं।
- माघी: यह त्योहार माघ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन लोग नए कपड़े पहनते हैं और मिठाइयाँ खाते हैं।
- भगवान श्रीराम का जन्म: यह त्योहार माघ मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था।
माघ मास को एक शुभ महीना माना जाता है। इस महीने में दान-पुण्य करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।