आज का पंचांग: 1 मार्च 2024, शुक्रवार
समय का चक्र:
- विक्रम संवत 2080, अनला
- शक सम्वत 1945, शोभकृत
- पूर्णिमांत पंचांग में फाल्गुन का सुहाना मौसम चल रहा है, जबकि अमांत पंचांग में माघ शीतल विदा ले रहा है।
चंद्रमा और सूर्य
- आज सूर्यदेव सुबह 6:52 बजे क्षितिज को रंगेंगे और शाम 6:26 बजे विदा लेंगे।
- चंद्रमा देवी देर से जन्म लेंगी, रात 11:29 बजे आकाश में दिखाई देंगी और अगले दिन सुबह 10:32 बजे विश्राम करेंगी।
तिथि, नक्षत्र और करण का संगम:
- आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रभाव सुबह 6:22 बजे से अगले दिन सुबह 7:54 बजे तक रहेगा। यह वृद्धि तिथि होने से नए कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ है।
- नक्षत्रों की बात करें, तो स्वाति नक्षत्र का जादू सुबह 10:22 बजे तक चलेगा, फिर विशाखा नक्षत्र दोपहर 12:48 बजे से अपना प्रभुत्व स्थापित करेगा।
- गर करण सुबह 6:22 बजे से शाम 7:13 बजे तक और वणिज करण बाद में अगले दिन सुबह 7:54 बजे तक कार्यभार संभालेंगे।
योगों का महासागर:
- ध्रुव योग का सकारात्मक प्रभाव कल शाम 6:14 बजे तक बना रहेगा, जो स्थिरता और दृढ़ता प्रदान करेगा।
- उसके बाद व्याघात योग का प्रभाव होगा, लेकिन चिंता न करें, यह सिर्फ सतर्क रहने की सलाह देता है।
शुक्रवार – प्रेम और कला का स्वर:
- आज का शुक्रवार प्रेम और सौंदर्य का प्रतीक है। कला से जुड़े लोगों के लिए और प्रेमपूर्ण रिश्तों को मजबूत करने के लिए दिन शुभ माना जाता है।
शुभ और अशुभ काल:
- राहु काल का प्रभाव सुबह 11:12 बजे से 12:39 बजे तक रहेगा, इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना चाहिए।
- यम गण्ड का समय दोपहर 3:32 बजे से 4:59 बजे तक है, शांत रहें और वाद-विवाद से बचें।
- कुलिक का समय सुबह 8:18 बजे से 9:45 बजे तक है, सतर्क रहें।
- दुर्मुहूर्त सुबह 9:10 बजे से 9:57 बजे तक और दोपहर 1:02 बजे से 1:48 बजे तक रहेगा, इन कालों में नए कार्यों से बचें।
- वर्ज्य काल शाम 6:50 बजे से 8:34 बजे तक व्याप्त होगा, यात्रा से बचना उचित है।
शुभ काल का लाभ उठाएं:
- सुबह 5:11 बजे से 6:55 बजे तक का अमृत काल सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगा।
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:16 बजे से 1:02 बजे तक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ है।
- ब्रह्म मुहूर्त का शांतिदायक प्रभाव सुबह 5:15 बजे से 6:03 बजे तक आपके आध्यात्मिक विकास में सहायक होगा।
विशेष जानकारी:
- सूर्य कुंभ राशि में है, संकल्प शक्ति और महत्वाकांक्षा को बल देता है।
- चंद्रमा आज पूरे दिन और रात तुला राशि में विचरण करेगा, संतुलन और सौहार्द बनाए रखने की कोशिश
आज के पंचांग की खास बातें:
- त्रिपुष्कर योग का विशेष आशीर्वाद: आज आपको त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग का लाभ मिलेगा। यह संयोग शनिवार, विशाखा नक्षत्र और कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि के मिलन से बना है। यह मंगलकारी योग आपकी मनोकामनाओं को पूरा करने और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
- सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर दिन: शुक्रवार के ग्रह स्वामी शुक्रदेव प्रेम, सौंदर्य और कला के कारक हैं। आज का दिन प्रेम का इजहार करने, रिश्तों को मजबूत करने और कलात्मक कार्यों को शुरू करने के लिए बहुत ही शुभ है। अपने प्रियजनों के साथ समय बिताएं और सकारात्मक ऊर्जा को अपने आसपास बनाए रखें।
- आध्यात्मिक विकास का अवसर: ब्रह्म मुहूर्त का लाभ अवश्य लें। सुबह की पवित्र शांति का अनुभव करें। ध्यान, मंत्र जप या पूजा-पाठ में समय बिताएं। ये क्रियाएं आपको आध्यात्मिक रूप से उन्नत करेंगी और मन को शांति प्रदान करेंगी।
- नए कार्यों की शुरुआत का शुभ मुहूर्त: अभिजीत मुहूर्त दोपहर के समय होता है। यह शुभ मुहूर्त किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए अनुकूल है। नए व्यापार की शुरुआत, निवेश योजना, शिक्षा प्रारंभ या अन्य शुभ कार्यों के लिए इस समय का उपयोग कर सकते हैं।
- सावधानी भी जरूरी: राहु काल, यम गण्ड, कुलिक, दुर्मुहूर्त और वर्ज्य काल में कोई भी महत्वपूर्ण कार्य करने से बचें। इन कालों में सतर्क रहना और शांतचित्त रहना ही उचित है।
निष्कर्ष:
आज का पंचांग सकारात्मक ऊर्जा और शुभ अवसरों से भरा हुआ है। शुभ कालों का लाभ उठाएं, आध्यात्मिक विकास पर ध्यान दें और सावधानी बरतें। ईश्वर का आशीर्वाद और अच्छे कर्मों से आपका दिन खुशियों और सफलता से भरा होगा।
अतिरिक्त सुझाव:
- इस पंचांग को अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करें।
- व्यक्तिगत राशिफल के लिए ज्योतिषी से परामर्श लें।
- पंचांग को हमेशा सकारात्मकता और मार्गदर्शन के रूप में लें।
मुझे आशा है कि यह विस्तारित संस्करण आपको पसंद आएगा!
महत्वपूर्ण:
पंचांग सामान्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां हैं और ये हर व्यक्ति के लिए लागू नहीं हो सकती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना उचित है|