आज का पंचांग: 10 मार्च 2024, रविवार – अमावस्या से शुक्ल पक्ष का आरंभ
विक्रम संवत – 2080, अनला
शक सम्वत – 1945, शोभकृत
सूर्य देव आज पुनः पूर्वी क्षितिज को 6:43 बजे रंगेंगे और शाम 6:30 बजे अस्त होंगे। चंद्रमा देवी आज सुबह 6:38 बजे ही अकाश में आकर जगमगाएँगी और उसी दिन शाम 6:40 बजे विश्राम करेंगी। आज का दिन अमावस्या से आरंभ होकर शुक्ल पक्ष प्रतिपदा का स्वागत करता है। आइए, इन तिथियों और ग्रहों के साथ एक दिलचस्प यात्रा पर चलें।
तिथियों का चक्र:
आज कृष्ण पक्ष की अमावस्या का व्रत दोपहर 2:30 बजे तक चलेगा, इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी, जो कल सुबह 10:45 बजे तक रहेगी। अमावस्या का दिन आध्यात्मिक साधनाओं और पवित्र स्नान का विशेष महत्व रखता है, जबकि शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा सभी शुभ कार्यों के आरंभ के लिए शुभ मानी जाती है।
नक्षत्रों का नृत्य:
पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र का प्रभाव आज सुबह 4:56 बजे तक बना रहेगा, उसके बाद उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र रात का शासन संभालेगा। पूर्वभाद्रपदा को सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, जबकि उत्तरभाद्रपदा को सौभाग्य और लाभ का कारक माना जाता है।
योगों का संगम:
कल शाम शुभ योग का प्रभाव समाप्त हो गया था, आज साध्य योग दोपहर 4:13 बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद शुभ योग सक्रिय हो जाएगा, जो कल सुबह 11:57 बजे तक शुभ कार्यों के लिए शुभ रहेगा। साध्य योग यात्राओं और वित्तीय लाभ के लिए शुभ माना जाता है, जबकि शुभ योग सभी शुभ कार्यों के लिए मंगलकारी होता है।
रविवार का आशीर्वाद:
आज रविवार का दिन है, जो सूर्य देव को समर्पित होता है। सूर्य देव को जीवन-ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करना, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना और रक्त दान करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है।
शुभ और अशुभ काल:
- राहु काल शाम 5:01 बजे से 6:30 बजे तक प्रबल रहेगा।
- यम गण्ड दोपहर 12:37 बजे से 2:05 बजे तक सक्रिय रहेंगे।
- कुलिक काल शाम 3:33 बजे से 5:01 बजे तक सतर्क रहने की सलाह देता है।
- दुर्मुहूर्त दोपहर 4:55 बजे से 5:43 बजे तक व्याप्त रहेगा।
- वर्ज्य काल सुबह 10:31 बजे से 11:55 बजे तक चलेगा।
- अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:13 बजे से 1:00 बजे तक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ है।
- अमृत काल शाम 6:54 बजे से 8:18 बजे तक सफलता और लाभ का प्रतीक है।
- ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:06 बजे से 5:54 बजे तक ध्यान, योग और मंत्र जाप के लिए उपयुक्त समय है।
विशेष सूचना:
आज अमावस्या का पवित्र व्रत है। इस दिन मौन साधना करना, स्नान-दान करना और मंदिरों में दीप प्रज्वलित करना बहुत ही शुभ माना जाता है। कल से शुक्ल पक्ष की शुरुआत हो रही है, इसलिए नए कार्यों का आरंभ करना और शुभ कार्य करना शुभ फलदायी होगा।
निष्कर्ष: एक मनोरम रविवार का आनंद लें
आज का पंचांग हमें तिथियों, नक्षत्रों, योगों और ग्रहों के गहरे प्रभावों से अवगत कराता है। यह हमें दिन भर सतर्क रहने और सही समय का चयन करने में मदद करता है। अमावस्या से शुक्ल पक्ष की ओर परिवर्तन का यह दिन आध्यात्मिक साधनाओं और शुभ कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। रविवार का सूर्योदय आशा और ऊर्जा का प्रतीक है, इसका लाभ उठाकर सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ें।
इस पंचांग का उपयोग करके आप:
- शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाएं: अमावस्या समाप्त होने के बाद शुभ मुहूर्तों में नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं, खरीदारी कर सकते हैं या यात्रा पर निकल सकते हैं।
- अशुभ कालों में सतर्क रहें: राहु काल, यम गण्ड और कुलिक काल जैसे अशुभ कालों में सतर्क रहें और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें।
- धार्मिक कार्यों और व्रतों का पालन करें: अमावस्या के व्रत को पूर्ण करें और मंदिरों में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करें।
- नक्षत्रों के अनुसार शुभ कार्य करें: उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र का लाभ उठाकर शुभ कार्यों का आयोजन करें और शुभ परिणाम पाएं।
- रविवार का विशेष लाभ उठाएं: सूर्य देव को जल अर्पित करें, दान करें और अपने अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करें।
पंचांग को एक मार्गदर्शक के रूप में अपनाकर आप अपना रविवार सार्थक और आनंदमय बना सकते हैं। प्रकृति की सुंदरता का आनंद लें, प्रियजनों के साथ समय बिताएं और आध्यात्मिकता की ओर एक कदम बढ़ाएं। रविवार का मधुर आनंद लेते हुए एक सुखद भविष्य की नींव रखें। भगवान का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे |
महत्वपूर्ण: पंचांग सामान्य ज्योतिषीय भविष्यवाणियां हैं और ये हर व्यक्ति के लिए लागू नहीं हो सकती हैं। किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को करने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी से परामर्श करना उचित है|