अखुरथ संकष्टी चतुर्थी Akhurath Sankashti Chaturthi

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी एक हिंदू त्योहार है जो हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखकर भगवान गणेश से सभी बाधाओं और कष्टों को दूर करने की प्रार्थना की जाती है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का महत्व

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी बाधाओं और कष्टों को दूर करने में मदद मिलती है। इस दिन व्रत रखने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

  • अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। फिर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठ जाएं। भगवान गणेश को सिंदूर, अक्षत, फूल, धूप, दीप, और नैवेद्य अर्पित करें। भगवान गणेश की आरती करें और उनकी प्रार्थना करें।
  • अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत रखने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरी रात जागकर भगवान गणेश की पूजा करनी चाहिए।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत रखने के कुछ लाभ

  • भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है।
  • सभी बाधाओं और कष्टों को दूर होता है।
  • धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
  • घर में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी के दिन कुछ उपाय

  • इस दिन भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर के सामने एक दीपक जलाएं।
  • भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
  • भगवान गणेश की आरती करें।
  • भगवान गणेश से अपने सभी कष्टों को दूर करने की प्रार्थना करें।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी एक बहुत ही शुभ दिन है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा और व्रत रखने से सभी बाधाओं और कष्टों को दूर होता है और जीवन में सुख-शांति का वातावरण बना रहता है।

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी Date 2023 – 30th December

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