शीतला सप्तमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो शीतला माता, चेचक और अन्य बीमारियों की देवी को समर्पित है। यह त्योहार हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। 2024 में, शीतला सप्तमी 31 मार्च को मनाई जाएगी।
शीतला सप्तमी का महत्व:
- बीमारियों से बचाव: शीतला सप्तमी का मुख्य उद्देश्य शीतला माता से प्रार्थना करके चेचक और अन्य बीमारियों से बचाव करना है।
- शुभता और समृद्धि: शीतला सप्तमी को घर की शुद्धि और समृद्धि के लिए भी मनाया जाता है।
- व्रत का महत्व: शीतला सप्तमी के दिन, कई लोग व्रत रखते हैं और शीतला माता की पूजा करते हैं।
शीतला सप्तमी की पूजा:
- पूजा सामग्री: शीतला माता की पूजा के लिए, आपको निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होगी:
- मिट्टी का बर्तन
- सात तरह के अनाज
- सात तरह के फूल
- नारियल
- मिठाई
- जल
- दीप
- पूजा विधि:
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- घर के एक स्वच्छ स्थान पर मिट्टी का बर्तन रखें और उसमें सात तरह के अनाज भरें।
- बर्तन के ऊपर सात तरह के फूल और नारियल रखें।
- शीतला माता की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- दीप प्रज्वलित करें और शीतला माता की आरती करें।
- शीतला माता को मिठाई, जल और अन्य भोग अर्पित करें।
- शीतला माता से प्रार्थना करें कि वे आपको और आपके परिवार को सभी बीमारियों से बचाएं।
शीतला सप्तमी के दिन क्या करें:
- व्रत रखें: यदि आप शीतला सप्तमी का व्रत रख रहे हैं, तो आपको पूरे दिन निर्जला उपवास करना होगा।
- शीतला माता की पूजा करें: शीतला माता की पूजा करें और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें।
- दान करें: शीतला सप्तमी के दिन, दान करना बहुत पुण्य माना जाता है।
- गरीबों को भोजन खिलाएं: गरीबों को भोजन खिलाने से शीतला माता प्रसन्न होती हैं।
शीतला सप्तमी के दिन क्या न करें:
- मांस और मदिरा का सेवन न करें: शीतला सप्तमी के दिन, मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
- गर्म पानी से स्नान न करें: शीतला सप्तमी के दिन, गर्म पानी से स्नान नहीं करना चाहिए।
- झूठ न बोलें: शीतला सप्तमी के दिन, झूठ नहीं बोलना चाहिए।
निष्कर्ष:
शीतला सप्तमी एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो शीतला माता को समर्पित है। यह त्योहार हमें बीमारियों से बचाव और शुभता और समृद्धि प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है. 2024 में, शीतला सप्तमी 31 मार्च को मनाई जाएगी.