सोमवती अमावस्या को अश्वत्थ प्रदक्षिणा व्रत के नाम से भी जाना जाता है। यह अमावस्या सोमवार के दिन आती है, इसलिए इसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।
सोमवती अमावस्या में क्या किया जाता है?
सोमवती अमावस्या के दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करती हैं। इसके बाद वे पीपल के पेड़ की पूजा करती हैं। पूजा में पीपल के पेड़ के चारों ओर 108 बार परिक्रमा की जाती है। परिक्रमा के दौरान महिलाएं पीपल के पेड़ पर जल, दूध, फूल, अक्षत, रोली, हल्दी आदि चढ़ाती हैं।
सोमवती अमावस्या के दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं अपने पति के लिए वस्त्र, अन्न, धन आदि का दान करती हैं।
सोमवती अमावस्या के दिन महिलाओं को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए।
- साफ-सुथरे वस्त्र धारण करने चाहिए।
- पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए।
- परिक्रमा के दौरान पीपल के पेड़ पर जल, दूध, फूल, अक्षत, रोली, हल्दी आदि चढ़ानी चाहिए।
- व्रत रखना चाहिए और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए।
- अपने पति के लिए वस्त्र, अन्न, धन आदि का दान करना चाहिए।
सोमवती अमावस्या 2024 Date – Monday 8th April 2024